पल भर की है जिंदगी, हम पल पल को संवार दे
जिंदगी के वास्ते, कई जिंदगी गुजार दें।।
आँखे गम से नम हो गर तो, फिर जीना क्या जीना है,
एक दूजे के आंसुओं पे, पहरे हम हज़ार दें।।
अगर तिज़ारत बहुत जरूरी, तो फिर इतनी तिज़ारत हो,
नफरत भी गर कभी मिले तो, बस बदले में प्यार दें।।
नंगे बदन बालक का चेहरा, देख खिलौना मुस्काया,
ऐसी एक मुस्कान पे अपनी, दौलत सब निसार दें।।
ख़ंजर के ज़ख्मो से गहरे, कड़वी बातों के घाव बहुत,
मीठे बोल सदा निकले वो, वाणी को रस धार दें।