चमन यहाँ वीरान पड़े है
चारो तरफ हैवान खड़े है
अबलाओं की खैर नहीं है
जहाँ भी देखो बैर वहीँ है
प्यार तो अब ढूंढे नहीं मिलता
अमन का कोई फूल न खिलता
यहाँ वही है , वहां वही है , जहाँ भी देखो वहां वही है
यहाँ वही है , वहां वही है , जहाँ भी देखो वहां वही है
है क्या बस ..............शमशान
सारे जहाँ से कैसे कह्दु अच्छा हिंदुस्तान
सारे जहाँ से कैसे कह्दु अच्छा हिंदुस्तान
हालत देखो कैसी खस्ता
बच्चे से भारी है बस्ता
खो खो कब्बडी ये सब भूले
खेतो में पीपल के झूले
दूध दही सब बीती बाते
कोक्क और पेप्सी इन्हें सुहाते
सिगरेट बीडी फूँक रहे है, पान मसाला थूक रहे है
सिगरेट बीडी फूँक रहे है, पान मसाला थूक रहे है
ये नन्हे ........नादान
सारे जहाँ से कैसे कह्दु अच्छा हिंदुस्तान
सारे जहाँ से कैसे कह्दु अच्छा हिंदुस्तान
आज का श्रवन कैसा श्रवन
प्रेयसी पर तो जान भी अर्पण
मात पिता बीमार बड़े है
श्रवन जी पर पी के पड़े है
जब भी उनको खांसी उठती
नाक भौं श्रवन की सिकुड़ती
ज़रा भी बूढ़े नहीं लज्जाते
कैसे कैसे जर्म फैलाते
कैसी आफत गले पड़ी है,जाने कोन वो शुभ घडी है
कैसी आफत गले पड़ी है,जाने कोन वो शुभ घडी है
जब निकले इनके............प्राण
सारे जहाँ से कैसे कह्दु अच्छा हिंदुस्तान
सारे जहाँ से कैसे कह्दु अच्छा हिंदुस्तान
इक दूजे को काट रहे है
धरती को भी बाँट रहे है
मंदिर मस्जिद के ये झगडे
जाने कैसे कैसे रगड़े
मानवता इन्हें छोड़ चुकी है
सच्चाई दम तोड़ चुकी है
रिश्ते नातो को झुठलाते, न शर्माते न लज्जाते
रिश्ते नातो को झुठलाते, न शर्माते न लज्जाते
ये कैसे .............इन्सान
सारे जहाँ से कैसे कह्दु अच्छा हिंदुस्तान
सारे जहाँ से कैसे कह्दु अच्छा हिंदुस्तान
जब इंसा भाई भाई होगा
कहीं ना आताताई होगा
धर्म कर्म की बाते होगी
सुखमय दिन और राते होगीं
यौवन यौवन सा महकेगा
बचपन, बचपन सा चहकेगा
जिस दिन डर , डर कर भागेगा
झूठ मरेगा , सच जागेगा
उस दिन ए ...........भगवान्
सारे जहाँ से कह्दुंगा मैं .. अच्छा हिंदुस्तान
सारे जहाँ से कह्दुंगा मैं .. अच्छा हिंदुस्तान