Sunday, December 29, 2019

तज़ुर्बे जिंदगी के

तड़पाते  बहुत है मगर वो बेआवाज़ है
तज़ुर्बे जिंदगी के बड़े जालसाज़ है|

हैरान हूं कि पुछते हैं हाल दिल का वो
जो जानते हमारे दिल के सारे राज़ हैं।

अपनी वफ़ा का देखिए तो ये सिला मिला,

हम ठोकरों में और उनके सर पे ताज है।

कुछ ऐसी तुझसे इश्क़ की कहानी जिंदगी
कि ज़ख्म जो मिले है सारे ला--इलाज़ हैं।

हालात तो हमारे बदले मुफ़लिसी ने पर,
बदली है उनकी चाल और बदले मिजाज है।

तुझको समेटने की मुझको ज़िद थी जिंदगी
बिखरने के तुम्हारे भी तो अंदाज है

अब जिंदगी से वास्ता बस इतना है नवीन,
कि लुट गए मगर इसी पे करते नाज हैं।




Saturday, December 28, 2019

मियां बीबी पति पत्नी

हृदय पटल पर खुदे हुए है
प्रिय तीखे बोल तुम्हारे
तुमने व्यंग के बाण चला कर,
मन के श्वेतल हंस है मारे।।।।
मैंने कब कब राह तुम्हारी,
बाधायें कभी डाली थी,
तुमको मंदिर बिठलाया मेरे,
हाथ मे पूजा थाली थी।
एक पल की खुशी पे अपने,
जीवन भर के पल थे वारे।।
तुमने व्यंग के बाण चला कर,
मन के श्वेतल हंस है मारे।।।।


देखो प्रिय शिकवा तुम्हारा,
हो सकता है सच हो लेकिन,
तुम बिन जीवन जी पाऊंगा,
होगा कैसे ये भी मुमकिन,
तुम हो नदिया जिसमे बहते,
जीवन की सांसो के धारे।
जिव्हा से तो ना बोलूं पर
रोम रोम मेरा तुम्हे पुकारे