Saturday, July 19, 2014

आसमां से क्या बोलें

हर सितारा  गर्दिश  में
फिर आसमां से क्या बोलें
कलियों का चमन भी मुरझाया
फिर बागबां से क्या बोलें
भीड़ यहां इंसानो की
पर हर इंसान अकेला है
शोर जहां से आता है
वो तन्हाई का मेला है
तन्हा तुम हो तन्हा मैं हूँ
फिर कारवां से क्या बोलें





Saturday, July 12, 2014

मेरे देश की माटी

कौन कहता है मेरे देश की माटी चुप रहती है
जब जब इसकी गोद में लेटा, सब कुछ कहती है।
कहती है सुन मेरे बेटे, लाज वतन की रख लेना
क़र्ज़ दूध का बाकी है तुम,  मान वतन की रख लेना
मत भूल  जाना मेरे बच्चे, मेरे उन वीर जवानों को
 जान लुटा कर हसने वाले, अलबेलो मस्तानों को


Friday, July 11, 2014

यार का आना बाकी है

मेरा जनाज़ा रोक लो यारो
सजन मनाना बाकी है
कैसे खुदा के दर पे जाऊं
यार का आना बाकी है… मेरा जनाज़ा रोक लो यारो
दिलबर रूठा दिल भर रोया
आँसू भी संग छोड़ चले
कैसे बिछड़ा यार मनाऊं
अब कोई ना ज़ोर चले 
जिस रस्ते मेरा दिलबर गुज़रे
वहाँ नज़रे बिछाना बाकी है … मेरा जनाज़ा रोक लो यारो



Thursday, July 10, 2014

भारत माँ की संतानो

भारत माँ की संतानो
फ़र्ज़ तो अपना पहचानो
माँ की लाज  खतरे में पड़ी है
दुश्मन की फिर फौज खड़ी है
नए फिरंगी आबाद हो गए
सभी जानवर आज़ाद हो गए
कहाँ से लाएं भगत सिंह को
सुभाष चन्दर की आज़ाद हिन्द को
पंज प्यारो की फ़ौज कहाँ है
सरफ़रोशी की मौज कहाँ है
होश करो क़ुछ करने की ठानो …........... फ़र्ज़ तो अपना पहचानो


मैं और मेरा साया

एक मैं और एक मेरा साया
साथ हमेशा रहे मगर हम
ना मैं उसको समझा
ना वो मुझे समझ पाया .... एक मैं और एक मेरा साया


मैं हँस दूँ  तो वो भी हँस दे
मैं रोऊँ तो रो दे 
मेरे गम की सुन के कहानी
चैन वो अपना खो दे
पर हाथ कभी तो थामना चाहा
हाथ कभी ना आया .... एक मैं और एक मेरा साया



 

Sunday, July 6, 2014

दिल दीवाना



हमने सदियाँ  लगा दी जिसे बनाने में
तुमने पल भी ना लगाया उसे चुराने में
ये दिल बे कितना बेगाना निकला
दर्द भी ना हुआ इस को , इधऱ  से उधर जाने में.
जाम पीता है हर गम, ये सुना था मगर
साक़ी को  बड़े गौर से चुना था मगर
जा कर  कह दो कोई कि झूठे है सभी 
तमाम उम्र गुज़ारी हमने मयख़ाने में