हो जो फुर्सत, हिसाब लिख लेना
अच्छा चाहे, खराब लिख लेना
जिंदगी के बहुत हैं अफसाने
मेरी मानो, किताब लिख लेना।।।
इस चमन में मिलेंगे कांटे भी
सिर्फ चुनकर, गुलाब लिख लेना।।।
यूं हकीकत, से उड़ गई नींदे
मूंद पलको, को ख्वाब लिख लेना।।।
हम से पूछो ये मंज़र ए उलफत
बेवफ़ाई, जनाब लिख लेना।।
आएंगे वो भी मेरी महफ़िल में,
औढ़ कर के, नकाब लिख लेना।।।
आएंगे मकसदे क़तल महफ़िल,
ओढ़ कातिल नकाब लिख लेना।
अपनी आंखों से मय पिला दो गर,
छोड़ देंगे, शराब लिख लेना।।
हार कर सब, से अपना दिल ए नविं
जीत लोगे, खिताब लिख लेना।।।
ये नशा बन्दगी का ऐसा है
छोड़ दोगे, शराब लिख लेना।।
हो जो फुर्सत, हिसाब लिख लेना।।।।
नवीन 7837620034
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