Tuesday, April 8, 2025

बदौलत मयखाना है

दम भरते रहे उम्र भर
कि मेहनतकश तबियत है
नहीं मालूम था कि दम
बदौलत मयखाना है

मेरे मरने का हर सामान
इस दुनिया ने तो जोड़ा है
मगर जिंदा है अब तक हम 
बदौलत मयखाना है

Wo insaano ki basti me 
Agar mil jaaye to pakka
Jo raunak hai wo raunak bhi
Badolat maykhana hai...


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