दम भरते रहे उम्र भर
कि मेहनतकश तबियत है
नहीं मालूम था कि दम
बदौलत मयखाना है
मेरे मरने का हर सामान
इस दुनिया ने तो जोड़ा है
मगर जिंदा है अब तक हम
बदौलत मयखाना है
Wo insaano ki basti me
Agar mil jaaye to pakka
Jo raunak hai wo raunak bhi
Badolat maykhana hai...
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