HINDI POEMS
by Naveen Kumar
Friday, August 22, 2025
रिटायरमेंट 2
हुए रिटायर चलो ये माना
अभी रवानी मगर है बाकी
अभी पुराना सफर है बीता
अभी सुहाना सफर है बाकी
वो मस्तियों का ही दौर होगा
नहीं रहेगी कोई भी टेंशन
शुक्र खुदा का कि हर महीने
आयेगी खाते में एक पेंशन
करेंगे सजदा हर एक दर पर
अभी तलक जो भी दर है बाकी...हुए रिटायर चलो ये माना
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment