दिल में बसा
अरमान है बेटी
दुनिया में पहचान है बेटी
मुझे जरुरत क्या इबादतगाहों की
मेरे घर में रहता भगवान् है बेटी
दुनिया में पहचान है बेटी
मुझे जरुरत क्या इबादतगाहों की
मेरे घर में रहता भगवान् है बेटी
जीवन की बगिया में
खिलता सा कमल कोई
बिन उसके ये जीवन यूँ
मछली तडपे बिन जल कोई
हर एक सांस में दोड़े
तन में रहता प्राण है बेटी
मुझे जरुरत क्या इबादतगाहो की
मेरे घर में रहता भगवान् है बेटी
क़दमों में बिछा
डालू
कैसे आसमां तेरे..
ये सारी कायनात तेरे...
सितारों का जहां तेरे...
मुझे तो जान से प्यारा ..
तेरा हर अरमान हैं बेटी
मुझे जरुरत क्या इबादतगाहों की
मेरे घर रहता भगवान् है बेटी..
कैसे आसमां तेरे..
ये सारी कायनात तेरे...
सितारों का जहां तेरे...
मुझे तो जान से प्यारा ..
तेरा हर अरमान हैं बेटी
मुझे जरुरत क्या इबादतगाहों की
मेरे घर रहता भगवान् है बेटी..
तुम्हे मुबारक दुनिया की दौलत
तुम्हे मुबारक जमाने की शोहरत
मेरे जीवन का अनमोल खजाना
धड़कन और मुस्कान है बेटी.....
मुझे जरुरत क्या इबादतगाहो की
मेरे घर में रहता भगवान् है बेटी
दुनिया का मज़हब
दुनिया जाने..
जिसको वो माने उसको माने..
मेरा
तो बस इतना सा मज़हब जिसको वो माने उसको माने..
गीता और कुरआन है बेटी..
मुझे जरुरत क्या इबादतगाहो की
मेरे घर में रहता भगवान् है बेटी
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