एक शाम ने आके हलके से ..फिर कान में कहा..
कल फिर आउंगी...तुम इंतज़ार करना
अब तलक मुझे जिसका ...मगर इंतज़ार है...
कल उतना उतना उतना...तुम मुझसे प्यार करना..
एक शाम ने आके हलके से ..फिर कान में कहा....
चलो कसम है तुम्हे खुदा की.. जिस पर मरते थे उसी अदा की.. प्रथम बार जो की थी तुमने बातें वही दोबारा बस..दो चार करना..
कल फिर आउंगी...तुम इंतज़ार करना
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