बदलते वक़्त में शायद तुम
इतने मतलबी हो गए हो
इतिहास के पन्नों में दुबक कर
आराम से जो सो गए हो
उठो भगत, सुभाष उठो ..
पटेल, तिलक तुम भी जागो
जाने कहाँ पर खो गया वो ...
हिन्दोस्तां मेरा वापस ला दो
थक गए बहुत ये माना
है आराम जरुरी भी
या तो खुद आ जाओ वरना
अपने जैसा हमें बना दो
जाने कहाँ पर खो गया वो ...
हिन्दोस्तां मेरा वापस ला दो
बलिदान तुम्हारा हम सब भूले
आज़ादी के मद में चूर
विलासता में जकड़े हुए हैं
जंजीरों से मुक्त करा दो
जाने कहाँ पर खो गया वो ...
हिन्दोस्तां मेरा वापस ला दो
इतने मतलबी हो गए हो
इतिहास के पन्नों में दुबक कर
आराम से जो सो गए हो
उठो भगत, सुभाष उठो ..
पटेल, तिलक तुम भी जागो
जाने कहाँ पर खो गया वो ...
हिन्दोस्तां मेरा वापस ला दो
थक गए बहुत ये माना
है आराम जरुरी भी
या तो खुद आ जाओ वरना
अपने जैसा हमें बना दो
जाने कहाँ पर खो गया वो ...
हिन्दोस्तां मेरा वापस ला दो
बलिदान तुम्हारा हम सब भूले
आज़ादी के मद में चूर
विलासता में जकड़े हुए हैं
जंजीरों से मुक्त करा दो
जाने कहाँ पर खो गया वो ...
हिन्दोस्तां मेरा वापस ला दो
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