Thursday, July 10, 2014

भारत माँ की संतानो

भारत माँ की संतानो
फ़र्ज़ तो अपना पहचानो
माँ की लाज  खतरे में पड़ी है
दुश्मन की फिर फौज खड़ी है
नए फिरंगी आबाद हो गए
सभी जानवर आज़ाद हो गए
कहाँ से लाएं भगत सिंह को
सुभाष चन्दर की आज़ाद हिन्द को
पंज प्यारो की फ़ौज कहाँ है
सरफ़रोशी की मौज कहाँ है
होश करो क़ुछ करने की ठानो …........... फ़र्ज़ तो अपना पहचानो


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