भारत माँ की संतानो
फ़र्ज़ तो अपना पहचानो
माँ की लाज खतरे में पड़ी है
दुश्मन की फिर फौज खड़ी है
नए फिरंगी आबाद हो गए
सभी जानवर आज़ाद हो गए
कहाँ से लाएं भगत सिंह को
सुभाष चन्दर की आज़ाद हिन्द को
पंज प्यारो की फ़ौज कहाँ है
सरफ़रोशी की मौज कहाँ है
होश करो क़ुछ करने की ठानो …........... फ़र्ज़ तो अपना पहचानो
फ़र्ज़ तो अपना पहचानो
माँ की लाज खतरे में पड़ी है
दुश्मन की फिर फौज खड़ी है
नए फिरंगी आबाद हो गए
सभी जानवर आज़ाद हो गए
कहाँ से लाएं भगत सिंह को
सुभाष चन्दर की आज़ाद हिन्द को
पंज प्यारो की फ़ौज कहाँ है
सरफ़रोशी की मौज कहाँ है
होश करो क़ुछ करने की ठानो …........... फ़र्ज़ तो अपना पहचानो
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