मेरा जनाज़ा रोक लो यारो
सजन मनाना बाकी है
कैसे खुदा के दर पे जाऊं
यार का आना बाकी है… मेरा जनाज़ा रोक लो यारो
सजन मनाना बाकी है
कैसे खुदा के दर पे जाऊं
यार का आना बाकी है… मेरा जनाज़ा रोक लो यारो
दिलबर रूठा दिल भर रोया
आँसू भी संग छोड़ चले
कैसे बिछड़ा यार मनाऊं
अब कोई ना ज़ोर चले
जिस रस्ते मेरा दिलबर गुज़रे
वहाँ नज़रे बिछाना बाकी है … मेरा जनाज़ा रोक लो यारो
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