बदल गए हैं मायने इंसान के
खिल उठे हैं चेहरे हैवान के
अब नहीं अवतार लेगा ए नवीन
टूट गए हैं हौसले भगवान के .....
मरहम भी लगा देंगे मगर मालूम हो
जख्म कितने बाकी हैं हिन्दुस्तान के ......
हो गए बुलंद कातिलों के अंदाज़
सबूत छोड़ते हैं अपनी पहचान के ......
हर तरफ मिल जायेंगे अब सनम
क्या करोगे लिख कर पते शमशान के .....
टूट गए हैं हौसले भगवान के .....
खिल उठे हैं चेहरे हैवान के
अब नहीं अवतार लेगा ए नवीन
टूट गए हैं हौसले भगवान के .....
मरहम भी लगा देंगे मगर मालूम हो
जख्म कितने बाकी हैं हिन्दुस्तान के ......
हो गए बुलंद कातिलों के अंदाज़
सबूत छोड़ते हैं अपनी पहचान के ......
हर तरफ मिल जायेंगे अब सनम
क्या करोगे लिख कर पते शमशान के .....
टूट गए हैं हौसले भगवान के .....
wah wah
ReplyDeleteManoj Arora Sunam