by Naveen Kumar
अगर शमा से परवाना, कहीं नाराज हो जाए, नए अफसाने का फिर से कोई आगाज़ हो जाए। कि परवाने पे मरने को तरस जाए ये शमा भी, मोहब्बत का यही आगे नया अंदाज़ हो जाए
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