by Naveen Kumar
क्यूं रंगवाए फागण मै तेरे, गाल गुलाबी पहलियां थे। आंख्या मैं तेरी खूब नशा पर, यार शराबी पहलियां थे। तू के सोच्य तेरी खातिर ही, पूछ घनी मेरी हो री स। पूरे गाम न बेरा स मेरे, ठाठ नवाबी पहलियां थे।
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